- विश्व रक्तदाता दिवस पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हुआ रक्तदान शिविर
- नाबार्ड के सहयोग से मध्यप्रदेश के चार विशिष्ट उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त
- जैपुरिया इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न; वर्ष 2026 का बैच दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार
- Jaipuria Indore Celebrates 14th Convocation; Batch of 2026 Set to Lead the World
- Welcome To The Jungle Trailer Trends #1 Across Languages on YouTube, Film Clinches No.1 Spot on IMDb’s List of TOP 10 Most-Anticipated Indian Films
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध उद्योगपति डॉ नेमनाथ जैन को ट्रेड एवं इंडस्ट्री के क्षेत्र में राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया
इंदौर। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा प्रेस्टीज औद्योगिक एवं शिक्षण समूह के संस्थापक डॉ नेमनाथ जैन को ट्रेड एवं इंडस्ट्री में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए आज नई दिल्ली राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में देश के महामहिम राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द द्वारा प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ट्रेड एवं इंडस्ट्री के क्षेत्र में इस वर्ष मध्यप्रदेश से पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने वाले डॉ नेमनाथ जैन पहले व्यक्ति हैं जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
इस अति विशिष्ट पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ नेमनाथ जैन ने इंदौर एवं मध्य प्रदेश के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान इंदौर एवं मध्य प्रदेश के लोगों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन समस्त लोगों का भी है जो उनकी नौ दशकों के इस दीर्घ जीवन यात्रा के सहभागी बने तथा मध्यप्रदेश को उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति दिलाने में उनका साथ दिया।
अविभाजित भारत और वर्तमान में पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में में 17 सितंबर 1931 को जन्मे डॉ नेमनाथ जैन विभाजन के बाद 16 साल की उम्र में इंदौर में आकर बस गए। यहाँ मिल में नौकरी करते हुए मध्यप्रदेश के प्रख्यात इंजीनियरिंग कॉलेज एसजीएसआईटीएस से इंजीनियरिंग करने के बाद डॉ नेमनाथ जैन ने कुछ समय तक नौकरी की। इसके बाद उन्होंने प्रेस्टीज औद्योगिक समूह की स्थापना की जो आगे चल कर सोयाबीन प्रसंस्करण एवं सोया उत्पादों के निर्माण में देश एवं मध्य भारत की सबसे प्रतिष्ठित कंपनियों में शुमार हो गई।
आधुनिकतम प्रबंध शिक्षा को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने 1994 में प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च की स्थापना की, जो वर्तमान में देश की अग्रणी बिज़नेस स्कूलों में शुमार है। मध्य प्रदेश को सोयाबीन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान देने में डॉ जैन ने अग्रणी भूमिका निभाई और उन्हीं के प्रयासों के कारण आज मध्य प्रदेश सोया राज्य के नाम से जाना जाता है।
अपने नौ दशकों की यात्रा में कृषि, सोयाबीन, शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेकों राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. इन पुरस्कारों में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 1983, उद्योग मित्र पुरस्कार, उद्योग विभूषण पुरस्कार शामिल है।


